हम तुम' के 16 वर्ष पूरे होने पर रानी को फिर याद आए चिंटू अंकल, रिश्तों को लेकर कही ये खास बात

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हम तुम

यश राज फिल्म्स के बैनर तले बनी फिल्म 'हम तुम' को रिलीज हुए 16 वर्ष पूरे हो गए हैं। फिल्म में सैफ अली खान, रानी मुखर्जी और ऋषि कपूर मुख्य किरदारों में नजर आए थे। कुणाल कोहली निर्देशित और आदित्य चोपड़ा निर्मित इस फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर सफलता प्राप्त हुई थी। 7.2 करोड़ रुपये में बनी इस फिल्म ने 42.6 करोड़ रुपये की कमाई की थी। यह फिल्म रानी मुखर्जी के लिए बेहद ही खास है। 16 साल बाद भी इस फिल्म के किस्से रानी की यादों में ताजा हैं। खास तौर पर ऋषि कपूर के साथ का शूटिंग अनुभव। इस बारे में रानी बताती हैं कि ऋषि कपूर के साथ काम करने की वजह से यह फिल्म उनके लिए काफी अहम है। ऋषि कपूर की मृत्यु से पहले वह जब वह उनसे मिली थीं तब दोनों ने फिल्म के एम्स्टर्डम शेड्यूल से जुड़ी खूब बातें की थी। दोनों शूटिंग के दौरान खूब मस्ती किया करते थे।

रानी मुखर्जी और ऋषि कपूर

ऋषि कपूर का कमाल का काम

फिल्म से जुड़ी अपनी यादों को साझा करती हुई रानी कहती हैं, 'मुझे वह फिल्म चिंटू अंकल (ऋषि कपूर) की वजह से बहुत अच्छे से याद है। यह उन शुरुआती फिल्मों में एक फिल्म है जहां से चिंटू अंकल ने मुख्य कैरेक्टर रोल्स करने शुरू किए थे। उन्होंने सैफ के पिता बनने के किरदार पर विश्वास जताया। इस फिल्म से पहले तक उन्होंने लीड किरदार ही किए थे। उन्होंने किसी तरह वह किरदार किया लेकिन वह हमेशा की तरह ही कमाल का था। उन्होंने हमारी फिल्म को स्पेशल बना दिया।'

ऋषि कपूर की फैन 

रानी खुद को ऋषि कपूर की बहुत बड़ी फैन करार देती हैं। वह बताती हैं, 'चिंटू अंकल उस जमाने के थे जब कलाकार सिंक-साउंड (शूटिंग के दौरान साउंड रिकॉर्डिंग) फिल्म नहीं करते थे और 'हम तुम' एक सिंक साउंड फिल्म थी। हम एम्स्टर्डम के एक घर में फिल्म की शूटिंग कर रहे थे। वहां फर्श पर लकड़ी का काम हुआ था। दिलीप सुब्रमण्यम फिल्म के साउंड रिकॉर्डिस्ट थे। वह लगातार चिंटू अंकल से कह रहे थे कि वह जितनी बार भी घर के अंदर कदम रखेंगे फर्श आवाज कर सकती है।

चिंटू अंकल जब भी चलते थे तब दिलीप कट बोलकर फिर से शॉट लेने के लिए कह दिया करते थे। दिलीप कहते थे कि आखिर यह क्या है, आखिर टेक सही से क्यों नहीं हो रहा है और यह फ्लोर आवाज क्यों कर रही है। वह काफी प्रफुल्लित थे। चिंटू अंकल के लिए यह सब पहली बार था क्योंकि उन्हें समझना था कि आखिर यह सिंक साउंड है क्या क्योंकि वे अपनी फिल्मों के लिए डब किया करते थे और इन चीजों का कभी फर्क नहीं पड़ता था। हम इस बारे में खूब बात करते थे और हंसते थे। उनको पहले से जानने के साथ ही मैं हमेशा से ही उनकी बहुत बड़ी फैन रही हूं। इस वजह से उनकी मृत्यु मेरे लिए दो तरफा सदमे के बराबर है।'